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बवासीर क्या होता है और इसका इलाज कैसे किया जाता है?

बवासीर का इलाज सही समय पर करें

पाइल्स या बवासीर क्या होता है?

  पाइल्स या हेमोराइड को वबासीर के रूप में भी जाना जाता है। पाइल्स एक बहुत ही आम बीमारी है और पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है, सूजन या सूजन ऊतक होते हैं जिसमें गुदा के चारों ओर या गुदा के अंदर पाए गए रक्त वाहिका को बढ़ाया जाता है लगभग 50% लोग अपने जीवन में किसी भी उम्र में पाइल्स से प्रभावित होते हैं। गर्भवती महिलाओं को भी इस स्थिति का अनुभव मिलता है। पाइल्स का कारण बनने के लिए कोई स्पष्ट कारण नहीं है हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कमजोर नसों के कारण हो सकता है।

पाइल्स (बवासीर) कितने प्रकार के होते हैं ?

  पाइल्स को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:
  • आंतरिक वबासीर - जो बाहर से देखा या महसूस नहीं किया जा सकता है और जो केवल गुदा के अंदर स्थित है। रक्तस्राव इस प्रकार के ढेर का एकमात्र लक्षण है।
  • बाहरी वबासीर - जो छोटे-छोटे गांठों में बनते हैं और दर्द-संवेदना नसों के बगल में गुदा के चारों ओर स्थित होते हैं। यह खून खराब हो जाएगा जब रक्त के थक्के रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर देते हैं और रक्तस्राव शुरू करते हैं। इसे तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।

पाइल्स (बवासीर) के लक्षण क्या हैं?

वबासीर का मुख्य लक्षण है आपके गुदा से खून का स्राव होना और कुछ मास में गुदा से मास आना. हमारे अस्पताल में बहुत से मरीज इन्ही सब लक्षणों के कारण आते हैं। कई मामलों में, बवासीर गंभीर नहीं होते हैं और कुछ दिनों के बाद हल होते हैं। एक व्यक्ति के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं.
  • दर्दनाक गांठ गुदा के चारों ओर पाया जा सकता है।
  • मल के बाद और उसके दौरान रक्तस्राव - रक्त आमतौर पर चमकीला लाल होता है।
  • मल गुजरने के दौरान दर्द।
  • नीचे खुजली।
  • मल गुजरने के बाद एक श्लेष्म निर्वहन (Mucus Discharge)।
  • गुदा क्षेत्र खराब, लाल और सूजन है।

बवासीर होने का प्रमुख कारण क्या है?

  • बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बना रहना।
  • (वन्शानुगत कारण)
  • प्रसव के दौरान बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि एनस क्षेत्र पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
  • शौच के समय जोर लगाना
  • ज्यादा दिनों तक हृदय व लीवर से संबंधित बीमारी होने से बवासीर का खतरा हो सकता है।
अगर आपको ये समस्या है तो तुरंत हमारे डॉक्टर से संपर्क करें. क्योंकि ये समस्या के बढ़ जाने पर आपको ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

कब कराए बवासीर का इलाज?

हमारे अस्पताल में आने के बाद उनके लक्षणों को की जाँच की जाती है और यदि लक्ष्णों से पता चल जाये की मरीज को वबासीर का इलाज हमारे सीनियर सर्जन डॉ शलभ मोहन द्वारा की जाती है। ट्रीटमेंट से पहले ठीक निदान करवाने की अहमियत बहुत है| कुछ अन्य संकेत नीचे बताएं  गयें हैं जिनके होने पर जाँच करवाना ज़रूरी हो जाता है –
  • यदि आपके गुदा से रक्तस्त्राव होना शुरू हो जाए|
  • लम्बे समय तक गुदा (पाख़ाना की जगह) में दर्द और मल त्याग करने में असुविधा महसूस होना|
  • अगर आपके गुदा से मास निकला हुआ महसूस हो रहा हो|
  • यदि दवाओं, मरहम, और अन्य उपचारों से बवासीर का इलाज नहीं हो पा रहा हो|
बवासीर के इलाज में देरी न करें, क्योंकि ज्यादा रक्त स्राव होने से आपके शरीर में रक्त की कमी हो सकती है आपको चक्कर आ सकता है। गंभीर स्थियों में आपको अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है।

बवासीर का इलाज़ कैसे किया जाता है?

पाइल्स का इलाज बिना सर्जरी और सर्जरी द्वारा किया जा सकता है।

बिना सर्जरी द्वारा

यदि आपने पाईल्स का इलाज सही समय पर करवाया है तो दवाओं, इंजेक्शन या banding से इलाज किया जा सकता है, लेकिन ये पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है।”

सर्जरी द्वारा इलाज

यूपीएचआई अस्पताल में पाइल्स का इलाज सबसे उन्नत लेजर पाइल्स ऑपरेशन के द्वारा किया जाता है., क्योंकि
  • वर्तमान में दुनिया में इस से बेहतर विकल्प नहीं है।
  • बहुत कम दर्द होता है।
  • मौजूदा दर्द और लक्षणों से तत्काल राहत।
  • यह केवल 20 मिनट की प्रक्रिया है।
  • लेजर सर्जरी के बाद उसी अगले काम फिर से शुरू कर सकतें हैं।
  • लेजर पाइल्स ऑपरेशन के बाद कोई निशान नहीं होता है।
  • न्यूनतम खून बहता और बहुत ही कम जोखिम और तेजी से रिकवरी होती है।

हमेशा ध्यान रखें।

  • खान पान में भरपूर हरी और रेशेदार सब्जियां खाएं, ताजे फल खाएं और खूब पानी पिएं।
  • खान-पान की गलत आदतों को छोड़के व्यायाम आदि पर ध्यान दें।
  • टॉयलेट में ज्यादा देर तक ना बैठें।
  • यदि आपको पाइल्स की समस्या है तो शौच के समय जोर लगाने से बचें।
हमारे हेल्प लाइन नंबर +91 9870 274 224 पर कॉल कर , डॉक्टर से न्युक्ति बुक करा सकतें हैं।